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WC 2011 की फाइनल तस्वीर पर क्यों भड़के गंभीर

नई दिल्ली साल 2011 में महेंद्र सिंह धोनी द्वारा लगाए गए विजयी छक्के के लिए 'जुनून' को लेकर भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया पर निशाना साधा है। गंभीर ने कहा है कि टूर्नमेंट पूरी टीम और सपॉर्ट स्टाफ के सहयोग से जीता गया था। की जीत के नौ साल पूरा होने पर एक क्रिकेट वेबसाइट ने धोनी की उस तस्वीर को पोस्ट किया था। उस वेबसाइट ने कैप्शन दिया था- वह शॉट जिसने करोड़ों लोगों को खुशी में झूमने पर मजबूर कर दिया। गंभीर को यह बात नगवार गुजरी। वर्ल्ड कप फाइनल की बात करें तो गंभीर भारतीय टीम के अहम खिलाड़ी रहे हैं। साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ हाफ सेंचुरी लगाई थी। वहीं 2011 के खिताबी मुकाबले में उन्होंने 97 रनों की पारी खेली थी। जब टीम को जरूरत थी तो बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने शानदार खेल दिखाया था। उनकी पारी ने भारत को 275 का लक्ष्य हासिल करने में मदद की थी। भारतीय टीम ने वीरेंदर सहवाग और सचिन तेंडुलकर के विकेट जल्दी खो दिए थे लेकिन इसके बाद गंभीर ने पहले विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी के साथ उपयोगी साझेदारियां की थीं। सहवाग पहले ही ओवर में आउट हो गए थे और सचिन 18 रन बनाकर पविलियन लौटे थे। उन्होंने कोहली के साथ 83 और धोनी के साथ 99 रन जोड़े थे। सेंचुरी से चूके गंभीर हालांकि अपनी सेंचुरी पूरी नहीं कर पाए और 97 रन बनाकर आउट हो गए। जब वह आउट हुए तो भारत को 52 गेंद पर 52 रन चाहिए थे। इसके बाद धोनी ने युवराज सिंह के साथ मिलकर भारत को जीत तक ले गए। धोनी 79 गेंद पर 91 और युवराज 24 गेंद पर 21 रन बनाकर नाबाद रहे। धोनी से पहले से रहा है विवाद गंभीर के इस बयान को धोनी पर निशाने के रूप में भी देखा जा रहा है। वह पहले भी ऐसा कर चुके हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, '2012 में ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय सीरीज के दौरान कहा था वह हम तीनों (सचिन, सहवाग और गंभीर) को एक साथ नहीं खिला सकते क्योंकि वह 2015 वर्ल्ड कप के बारे में सोच रहे हैं।' गंभीर ने कहा था, 'यह बहुत सदमे वाली बात थी। मुझे लगता है कि यह किसी भी क्रिकेटर के लिए सदमे जैसी बात होगी। मैंने कभी नहीं सुना कि किसी से 2012 में कहा जाए कि तुम 2015 वर्ल्ड कप में टीम का हिस्सा नहीं होगे। मैं हमेशा से यही सोचता आया था कि अगर आप रन बनाते रहें तो उम्र सिर्फ एक नंबर होती है।' 'धोनी की वजह से नहीं हुई सेंचुरी' गंभीर ने कहा था कि जब वह फाइनल में 97 के स्कोर पर पहुंचे तब उनका ध्यान अपने स्कोर पर नहीं बल्कि टारगेट पर था। उन्होंने कहा, 'जब ओवर खत्म हुआ तब उन्होंने मुझसे कहा कि सिर्फ तीन रन बचे हैं और तुम ये तीन रन पूरे कर लो और तुम्हारी सेंचुरी बन जाएगी।' गंभीर ने कहा कि अगर धोनी मुझे मेरे स्कोर के बारे में याद नहीं दिलाते तो मैं आसानी से तीन रन पूरे कर लेता। उनके याद दिलाने के बाद मैं तीन रन को लेकर जरूरत से कुछ ज्यादा ही सावधान हो गया और थिसारा परेरा की गेंद पर एक खराब शॉट खेलकर आउट हो गया। उन्होंने कहा कि धोनी की सलाह से मेरा ध्यान भंग हो गया।


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