अहमदाबाद में फिर स्पिन के जादू से इंग्लैंड को पस्त करने की तैयारी
अहमदाबादवर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के नजरिए से भारत और इंग्लैंड के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज का अंतिम मुकाबला बहुत ही अहम है। भारत के लिए चौथा टेस्ट मैच कम से कम ड्रॉ होना जरूरी है। लेकिन, तीसरे टेस्ट में मेहमानों को जिस तरह के स्पिनिंग ट्रैक पर खिलाकर पस्त कर दिया गया था, चौथे के लिए भी वैसी ही पिच की तैयारी शुरू हो चुकी है। गुजरात क्रिकेट संघ के अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि मुकाबला पिच नंबर चार पर खेला जाएगा जो कि लाल मिट्टी से बनी है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कुल 11 पिच हैं जिनमें से पांच को लाल मिट्टी से तैयार किया गया है, जबकि छह पिच के लिए काली मिट्टी इस्तेमाल की गई है। पिछला टेस्ट पिच नंबर 5 पर खेला गया था। छह से 11 नंबर तक की पिच काली मिट्टी वाली हैं। घास रहने वाली नहीं पिछला टेस्ट लाल मिट्टी वाली पिच पर खेल गया था जिस पर पहले दिन से ही धूल उड़ने लगी थी और बोलर्स के लैंडिग पोजिशन की मिट्टी भी उखड़ गई थी। यह मुकाबला कुल छह सेशन भी नहीं चला। अधिकारी ने बताया, ‘पिंक बॉल टेस्ट के बाद पिच को लेकर जो बहस शुरू हुई, वो अभी तक चल रही है। ऐसे में अनुमान यही लगाया गया कि सीरीज का अंतिम मुकाबला छठे नंबर की पिच यानी की काली मिट्टी वाली पिच पर खेला जाएगा, जो कि बल्लेबाजी के अनुकूल होती है। काली मिट्टी की पिच को क्रिकेट की भाषा में पाटा विकेट कहते हैं, जहां जमकर रन बनते हैं। जबकि लाल मिट्टी वाली पिच को टर्निंग ट्रैक कहते हैं।' उन्होंने बताया, ‘पिच को घेर दिया गया है। अभी तक उस पर घास है, लेकिन ये रहने वाली नहीं। हो सकता है कि इस बार थोड़ी घास रहने दी जाए ताकि पिच जल्दी नहीं टूटे, लेकिन यहां बहुत गर्मी है, तापमान ज्यादा होने की वजह से पिच की नमी को बरकरार रखना एक चुनौती है।’मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ रविवार शाम पहली बार नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहुंचे थे। सभी की निगाहें उन पर बनी हुई हैं कि वो तीसरे पिच की कैसी रिपोर्ट देते हैं। नियमों के अनुसार रिपोर्ट को तैयार करने के लिए उन्हें चौथे टेस्ट मैच की समाप्ति का इंतजार करना होगा और दोनों मैचों के आधार पर ही वो अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे।
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