उमेश 2.0: ऐसे टीम का अहम सदस्य बना यह पेसर
रुचिर मिश्रा, इंदौरभारतीय पेसर गुरुवार से बांग्लादेश के खिलाफ शुरू हो रही टेस्ट सीरीज का हिस्सा हैं और वह एक बार फिर दम दिखाते नजर आएंगे। जब इसी साल 12 सितंबर को फ्रीडम सीरीज (भारत बनाम साउथ अफ्रीका) के लिए टेस्ट टीम की घोषणा की गई, तो उमेश का नाम नैशनल टीम के बजाय बोर्ड अध्यक्ष-एकादश में रखा गया। अपने नौ साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में यादव ने कई उतार-चढ़ाव देखे लेकिन यह निश्चित रूप से एक बड़ा झटका था। विदर्भ के इस तेज गेंदबाज का प्रदर्शन खराब नहीं रहा था। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज से पहले भारत ने जो आखिरी घरेलू टेस्ट खेला था (वेस्ट इंडीज के खिलाफ हैदराबाद में), उसमें यादव ने 10 विकेट लिए थे। कपिल देव (जिन्होंने 2 बार ऐसा किया) और जवागल श्रीनाथ के बाद यादव केवल तीसरे भारतीय तेज गेंदबाज थे, जिन्होंने किसी घरेलू टेस्ट मैच में 10 विकेट हासिल किए। पढ़ें, कोई हैरानी की बात नहीं कि यादव, जो पिछले महीने 32 साल के हो गए, को इससे दुख हुआ। उनके मन में कुछ शंका भी उठने लगीं। हालांकि, यह केवल थोड़े समय के लिए ही था। उनकी पत्नी तान्या ने कहा कि यादव अपने रूटीन के साथ आगे बढ़े क्योंकि यह वापसी का एकमात्र तरीका था। तान्या ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, 'वह (उमेश) शुरुआत में थोड़ा परेशान थे लेकिन खुद को बहुत जल्दी वापसी के लिए तैयार किया। उमेश को पता है कि वह एक वर्ल्ड क्लास टीम का हिस्सा हैं और जब भी मौका मिलता है, उन्हें बेहतर करना होता है।' स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने के बाद यादव को रिप्लेसमेंट के रूप में बुलाया गया। ऑस्ट्रेलिया और वेस्ट इंडीज के खिलाफ सीरीज के दौरान बेंच पर बैठने के बाद, यादव खुद को साबित करना चाहते थे। पुणे टेस्ट में मार्करम और डीन एल्गर के विकेटों के साथ उनकी मुस्कान वापस आ गई थी। इस तेज गेंदबाज ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाई, जहां के विकेट पर तेज गेंदबाजों के लिए कुछ खास नहीं था। पढ़ें, यादव ने उस सीरीज में दो टेस्ट मैचों में 12.18 के शानदार औसत से 11 विकेट चटकाए। 21.2 का उनका स्ट्राइक रेट सभी गेंदबाजों में सर्वश्रेष्ठ था। यहां तक कि विपक्षी भी यादव के प्रदर्शन से खौफ में थे। कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने सीरीज के बाद यादव की तारीफ की। साउथ अफ्रीका के सहायक कोच (परफॉर्मेंस) प्रसन्ना अगोरम ने कहा कि यादव हर किसी की सलाह सुनते हैं लेकिन अपने दिमाग से खेलते हैं। उन्होंने यादव को 2009 में भी देखा था। अगोरम ने कहा, '2009 और 2019 के उमेश में बहुत अंतर है। मुझे उनका रवैया पसंद है। वह एक शांत व्यक्ति हैं, जो हर किसी की सलाह सुनते हैं लेकिन अपने दिमाग से खेलते हैं। ये वाला उमेश ज्यादा परिपक्व है।' अगोरम ने कहा, 'जब उन्होंने हमारे खिलाफ वॉर्म-अप मैच खेला, तो उन्हें दूसरे ओवर में डीन एल्गर का विकेट झटका। दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी उनका सम्मान करते हैं। जब भी कप्तान ने विकेट की मांग की, उमेश ने सफलता दिलाई।' चोट और अनियमित प्रदर्शन से जूझ रहे एक स्टॉप-स्टार्ट करियर के बाद, यादव 2016-17 में न्यू जीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज थे। बुमराह के उभरने का मतलब था कि किसी को रास्ता बनाने की जरूरत है, दुर्भाग्य से, यादव ही वह गेंदबाज बने। तान्या ने कहा, 'उमेश शांत रहते हैं। वह जानते हैं कि टीम में काफी प्रतिस्पर्धा है। उनके पास सकारात्मक मानसिकता है और हमेशा अपनी कमियों को दूर करने के लिए बहुत मेहनत करते हैं।'
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